[35+] Majboori Shayari in Hindi | मजबूरी पर शायरी हिंदी में

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Majboori Shayari

Majboori Shayari in Hindi: मजबूरी एक ऐसी स्थिति है जहाँ व्यक्ति के पास कोई अन्य विकल्प नहीं होता और वह कुछ ना कुछ करने मजबूर हो जाता है, मजबूरी व्यक्ति के जीवन में विभिन्न तरीकों से प्रभाव डालती है, चाहे वह स्थितिगत हो या अस्थिर हो।

आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए Majboori Shayari in Hindi साझा किए है। उम्मीद करते यह शायरियां आपको पसंद आयेंगे और इन शायरी को आप अपनी WhatsApp, Facebook और Instagram पर भी शेयर कर सकते हैं।


मजबूरी पर शायरी

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Majboori Shayari

वह मान ना सके गुजारिश हमारी,
मजबूरी हमारी वह जान ना सके,
कहते हे याद रखेंगे मरते दम तक
जीते जी पहचान ना सके।


बुरे वक्त में मांगों किसी से मदद
लोग अपनी मजबुरियां बताने लगते हैं,
वो अपने ही होते हैं जनाब
जो बुरे वक़्त में साथ छोड़ देते हैं।


वक्त नूर को बेनूर कर देता हैं,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपने से दूर होना,
लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता हैं…


हिम्मत तो इतनी थी कि
समुद्र भी पार कर सकते थे,
मजबूर इतना हुए कि
दो बुंद आंसूओं ने डुबा दिया।


फिर यूँ हुआ कि जब भी
जरुरत पड़ी मुझे
हर शख्स इत्तेफाक से
मजबूर हो गया…


2 Line Majboori Shayari in Hindi

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Majboori Shayari

अगर तेरी मजबूरी है भूल जाने की
तो मेरी आदत है तुझे याद रखने की।


ना कोई लाचारी है ना कोई मजबूरी है,
बेवफाई उसकी पैदायशी बीमारी है…


हम मजबूरी में काम करते रह हर वक्त,
जब लौट के आये कोई था ही नहीं हमारा।


हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाएँ हमें इतना मजबूर कर दो!


कितने मजबूर हैं हम प्यार के हाथों,
ना तुझे पाने की औकात ना तुझे खोने का हौसला।


Majboori Shayari In Hindi

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किसी की मजबूरी का मजाक ना
बनाओ यारों, जिंदगी कभी मौका
देती है तो कभी धोखा भी देती है।


मैं मजबूरियां ओढ़ कर निकलता हूँ
घर से आज कल,
वरना शौक तो आज भी है
बारिशों में भीगने का।


ना जाने क्या मजबूरी है उनकी
मुझे देखकर नजरें झुका लेती है,
कभी देखने को तरसती थी अब क्यों
दिल की बात दिल में दबा लेती है।


अगर तेरी मजबूरी हे ख़ामोशी तो
रहने दे इश्क कौनसा जरुरी हैं।


रिश्तों को निभाने की मजबूरी पुरानी है,
जिंदगी तो जैसे समझौतों की कहानी है,
दुनिया के अंदर तो धोखे का समंदर है,
यहाँ करते है वफ़ा, मिलती बदनामी है।


मजबूरी स्टेटस

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किसी की अच्छाई का इतना भी
फायदा मत उठाओ,
कि वो बुरा बनने के लिए
मजबूर हो जाये।


तुम बेवफा नहीं ये तो धड़कने
भी कहती हैं,
अपनी मजबूरी का एक
पैगाम तो भेज देते।


बहाना बनाते है लोग,
अपनी मजबूरी बताकर,
किसी का दिल भी टूट जाये,
तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता उन्हें।


खामोशी समझदारी भी है
और मजबूरी भी,
कहीं नज़दीकियां बढ़ाती है
और कहीं दूरी भी…


बहाना कोई तो दे ए ज़िंदगी कि
जीने के लिए मैं भी मजबूर हो जाऊँ।


Life Majboori Quotes in Hindi

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ये जिंदगी है साहब
यह हर कोई मजबूर है,
कोई टूट जाता है मजबूरियों में
तो कोई मजबूरियों से लड़कर मशहुर है।


ज़िंदगी में कुछ ऐसे रास्ते भी आते
कभी-कभी जंहा से गुजरना सिर्फ़
और सिर्फ़ मज़बूरी होती हैं।


जीना चाहा तो जिंदगी से दूर थे हम,
मरना चाहा तो जीने को मजबूर थे हम,
सर झुका कर कबूल कर ली हर सजा,
बस कसूर इतना था कि बेकसूर थे हम।


ये मज़बूरी ही है जनाब,
जो हमें अंदर से खोकला बनाती है,
इससे बच के रहना जनाब,
ये इंसान की जान लेने में,
बिलकुल भी नहीं हिचकिचाती है…


हर इंसान यहा बिकता है,
कितना सस्ता या कितना महंगा
यह उसकी मज़बूरी तय करती है…


Dard Majboori Shayari In Hindi

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कोई समझता नहीं
किसी की मजबूरी,
दिल टूटे तो दर्द होता है,
मगर कोई कहता नहीं।


होगी कोई मजबूरी उसकी भी,
जो बिन बताएं चला गया,
वापस भी आया तो किसी
और का होकर आया!


कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा
करो वरना मजबूरी का नाम लेकर
वफाई तो सभी करते है।


किसी गिरे इंसान को उठाने
आएं ना आए ये ज़माने वाले,
मजबूरी में पड़े इंसान का फायदा
उठाने ज़रूर आएँगे।


तेरी मजबूरी है मुझे भूल जाने की
या किसी ने मजबूर कर दिया।


हालात से मजबूर शायरी

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जो हैं नहीं वो भी बनना पड़ता है,
मजबूरी है साहब करना पड़ता है।


हालात मुझे कितना मजबूर करती हैं,
इल्म नही उसे, वो मुझे मजबूत करती है।


क्यूँ करते हो वफ़ा का सौदा,
अपनी मजबूरिओं के नाम पर,
मैं तो अब भी वो ही हूँ,
जो तेरे लिए जमाने से लड़ा था।


कभी गम तो कभी ख़ुशी देखी,
हमने अक्सर मजबूरी और बेबसी देखी,
उनकी नाराज़गी को हम क्या समझें
हमने तो खुद अपनी तकदीर की बेबसी देखी।


उम्र भर कुछ ख्वाब दिल पर दस्तकें देते रहे,
हम कि मजबूर-ए-वफ़ा थे आहटें सुनते रहे!


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